शाहीनबाग: बच्चे की मौत या हत्या की सुपारी

बहूत दुःखद समाचार मिला कि दिल्ली के शाहीनबाग में प्रदर्शन में लाये गए एक 4 महीने के मासूम की 30 जनवरी 2020 की रात ठंड से मृत्यु हो गयी, मैं उस मासूम को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ ।

अत्यंत दुःखद इस घटना को सुनकर हृदय द्रवित हो जा रहा परंतु कुछ तथ्य जो बुद्धि को झकझोर कर रख दे रहे वो है शाहीनबाग से जुड़ी गतिविधियों का विश्लेषण !

लगभग 2 महीने से शाहीनबाग में प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन नोटबन्दी की लाइन में लोगों की मौत की बात करने वालों से एक प्रश्न पूछा जाना स्वाभाविक था कि कड़ाके की ठंड में शाहीनबाग में एक भी मौत नहीं हुई । और कुछ ऐसा ही प्रश्न भाजपा के कुछ नेताओं ने कुछ दिन पहले पूछ दिया ! और चंद दिनों बाद ही एक मासूम की ठंड से मौत ! क्या ये मौत एक हत्या की साजिश जैसी नहीं लग रही !! विश्वास करना मुश्किल है क्योंकि कुछ तथ्य इस उत्तर को बड़ी ही मजबूती से काट देते हैं –

जैसे: एक माँ अपने बच्चे को मरने के लिए कैसे छोड़ सकती है ?

बच्चे की मौत रात 1 बजे के बाद अपने घर मे सोये सोये ही हो गयी ।

फिर भी कुछ तथ्य ऐसे जरूर हैं जो अनुत्तरित प्रश्न छोड़ जा रहे हैं –

एक कपड़े की झुग्गी में रहने वाले परिवार अपने जीविकोपार्जन को छोड़कर शाहीनबाग में क्या करने जाते थे, क्या उन्होंने CAA कानून को पढ़ा और समझा था ? क्या उन्हें इतनी समझ है कि वो कानून का विश्लेष्णतात्मक अध्ययन कर सकें ? यदि नहीं तो किस अभिलाषा में इतनी ठंड में वो शाहीनबाग में बैठते थे ।

जब बच्चे को 4 दिन से सर्दी थी, तो क्या शाहीनबाग में संरक्षण देने वाले बच्चे का उचित इलाज नहीं करवा सकते थे !

बच्चे की माँ रात को 1 बजे घर आई, उसका कहना है बच्चा सोये सोये ही मर गया, कयक ऐसा संभव है कि बच्चे ने तकलीफ में आवाज न दी हो ? पूरे दिन नारे लगाने और प्रदर्शन करने से थकान हो गयी और सो गई ! और सुबह उठी तो बच्चा मृत था ।

ये सारे विश्लेषण उस माँ की आदत / लाचारी और शाहीनबाग के आयोजनकर्ताओं के मानसिकता पर कठोर प्रश्नचिन्ह खड़े करते हैं ।

जनश्रुति के अनुसार ऐसे ही लाचार और गरीब लोगों को 500 रुपये दिहाड़ी और बिरियानी पर कुछ देशविरोधी तत्व धरने के नाम पर बैठाकर अपनी राजनीतिक या शायद देशविरोधी और आतंकी रोटी सेंकने का प्रयास कर रहे हैं ।

यदि ऐसा है तो बहुत स्पष्ट शब्दों में कह सकता हूँ कि मुहम्मद नामके इस बच्चे की मृत्यु नहीं बल्कि हत्या की गई है और उसकी सुपारी दी गयी है 500 रुपये और बिरियानी में !

जय हिंद, वंदे मातरम

भारत माता की जय

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