अंधविश्वास का अड्डा बनी कल्याण रेलवे स्टेशन पर रहस्यमयी अवैध मजार

पटरियों के ऊपर बनी अवैध मजार

कल्याण महाराष्ट्र रैलवे स्टेशन पूर्व में पटरियों के बीच रहस्यमय तरीके से बनी एक अवैध मजार अंधविश्वास का अड्डा बनी हुई है । काफी यात्रियों को इससे निकट भविष्य में किसी खतरे का अंदेशे से भय व्याप्त है ।
दरअसल महाराष्ट्र में मुम्बई से सटे कल्याण स्टेशन मध्य रैलवे का एक व्यस्त जंक्शन है जहां उत्तर भारत से आने वाली लगभग सभी ट्रेनें रुकती हैं और 24 घंटे लोगों की आवाजाही शुरू रहती है। लेकिन इस जंक्शन का क्षेत्रफल बड़ा होने और भविष्य में संभावित रूप से टर्मिनस बनाये जाने की संभावनाओं को देखते हुये रैलवे स्टेशन के पूर्व भाग में रिक्शा स्टैंड तक यात्रियों को चलकर लगभग 5 मिनट जाना पड़ता है । इस लगभग 5 मिनट की पैदल यात्रा में रेलवे पटरियों के नीचे 2 सुरंगों से गुजरना पड़ता है, जिसमे एक सुरंग रेलवे स्टेशन के ठीक बाहर लगभग 30 सेकंड की दूरी पर है और दूसरी सुरंग रैलवे परिसर के अंत में रिक्शा स्टैंड के पास है ।
अद्भुत रहस्य है कि स्टेशन के ठीक बाहर लगभग 30 सेकंड में पड़ने वाले सुरंग और रैलवे स्टेशन के उस छोटी सी दूरी में ही पटरियों पर एक अवैध मजार काफी वर्षों से फल फूल रही है ।
आश्चर्यजनक रूप से ये मजार का क्षेत्रफल साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है और आज तक रैलवे कि तरफ से कोई कार्यवाही नहीं हुई।
इस मजार पर दिन प्रतिदिन बहुत सी महिलाओं का झाड़ फूंक करवाने के लिए तांता लगता है जो शुक्रवार को और अधिक होता है, जिससे आने जाने वाले यात्रियों को असुविधा होती है और यहां स्टेशन परिषर के बीचोबीच ये अंधविश्वास का काला खेल लगातार चलता रहता है । यहां अक्सर कोई न कोई कार्यक्रम भी अब होने लगे हैं जिसके लिये बड़े बड़े बर्तनों में यहां भोजन बनाये जाते हैं और यात्रियों के लिये स्थिति असुविधाजनक कर दी जाती है ।
सवाल ये है क्या इतने वर्षों से रैलवे अधिकारी इससे अनभिज्ञ हैं या रैलवे ने इस मजार को कोई औपचारिक अनुमति दे रखी है ?
अक्सर रात को मजार के आस पास चरसी गरधुल्लों के जमावड़े और वहां रात में लोगों से मारपीट और लूटपाट की घटनाएं कल्याण पूर्व के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई हैं ।
बहुत जल्द रेलवे के अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले का संज्ञान लेने और त्वरित कार्यवाही की मांग करेंगे ।
संतोषजनक कार्यवाही न किये जाने पर सभी नागरिक इसके खिलाफ सड़कों पर आन्दोलन करने को विवश होंगे ।

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